आज़ादी

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- दोहे

लिख आज़ादी खून से ,सौंपी हमें लगाम
रक्षा करना देश की , अब हम सबका काम

आज़ादी के जश्न में , डूबे सारी रात
जोश भरा था खून में ,दिल में थे जज्बात

लोकतंत्र में माँगते, सब अपने अधिकार
थोड़ा तो समझो यहाँ , कर्तव्यों का भार

आपस की यह एकता,है भारत की शान
भेद भाव सब भूलकर,रखना इसका मान

मानवता से है बड़ा, यहाँ न कोई धर्म
सेवा करना दीन की ,सबसे उत्तम कर्म

देशभक्ति के अब कहाँ ,पहले जैसे गीत
भाव शून्य से शब्द हैं ,तेज बहुत संगीत

डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

Views 67
Sponsored
Author
Dr Archana Gupta
Posts 223
Total Views 13.4k
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
7 comments