1-अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा2- अश्म पर मेरा यह नाम तुमने लिखा (दो गीत) राधिका उवाच एवं कृष्ण उवाच

बृजेश कुमार नायक

रचनाकार- बृजेश कुमार नायक

विधा- गीत

1- राधिका उवाच

अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा
आगे सुंदर प्रिया रक्त से लिख दिया

खगकुलों का सुकलरव महानाद है
प्रीति -रस का मनोहर सुखद स्वाद
मन हरण भाव लेकिन न उन्माद है
गुदगुदाया जी उत्कर्ष की गह शिखा
अश्म पर यह तेरा नाम मैने लिखा

आप सचमुच हुए कीर्ति सद्प्रेम की
दिव्य अनुपम मिलन औ कुशल क्षेम पी
ज्ञानी आधार सह सुख-किरण सोम-सी
इस कहानी का नायक हमारा सखा
अश्म पर यह तेरा नाम मैने लिखा

ध्यान गह देखिए पुष्प की लालिमा
कह रही प्रीति-रस में नहीं कालिमा
नायिका है कोई आपके उर वशी
नाम उसका ही आगे लिखो प्रिय सखा
अश्म पर यह तेरा नाम मैने लिखा
आगे सुंदर प्रिया रक्त से लिख दिया

2– कृष्ण उवाच

अश्म पर मेरा यह नाम तुमने लिखा
आगे सुंदर प्रिया रक्त से लिख दिया

मेरे भीतर सदा आपका रास है
राधा राधा कहे आज हर श्वास है
दिव्य-अनुपम मिलन का मृदुल वास है
सद हृदय में सदा प्रीति-दीपक दिखा
अश्म पर यह मेरा नाम तुमने लिखा

देखो गाती प्रकृति प्रीति का पर्व हम
आयु सद्भाव की कहती है जीत हम
प्रेमी उत्कर्ष की बन गए रीति हम
जी ने भी दिव्यतम प्यार रस को चखा
अश्म पर मेरा यह नाम तुमने लिखा

तेरे आभास में श्याम अनुप्रास है
ज्ञानमय प्रीति पंथों से मल-नाश है
रोती है हार, उर जीत की भाष है
मैने सुंदर प्रिया अग्र राधा लिखा
अश्म पर मेरा यह नाम तुमने लिखा
आगे सुंदर प्रिया रक्त से लिख दिया
………………………………………..

"क्रौंच सुऋषि आलोक" कृति के दो गीत
पेज-31एवं 33 से
"क्रौंच सुऋषि आलोक" कृति प्रकाशित होने का वर्ष -2016
आई एस बी एन : 978-93-82340-39-3
प्रकाशक-जे एम डी पब्लिकेशन नई दिल्ली
रचनाकार -बृजेश कुमार नायक ,सुभाष नगर, कोंच -285205
08-05-2017

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बृजेश कुमार नायक
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एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर, कोंच,जालौन,उ.प्र.-285205 मो-9455423376व्हाट्सआप-9956928367 एवं8787045243

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