आप ही ने नूर भर दिया

Anish Shah

रचनाकार- Anish Shah

विधा- गज़ल/गीतिका

मेरी जिंदगी में आप ही ने नूर भर दिया।
ऐसा तराशा मुझको कोहिनूर कर दिया।।

तन्हा भटक रहा था तुमने हाथ थामकर।
तन्हाइयों को मेरी काफूर कर दिया।।

भर दी तुमने दिल में मेरे प्यार की दौलत।
बंजर जमीं को आपने जागीर कर दिया।।

बीरान हवेली सा था किरदार ये मेरा।
इक ताजमहल सा इसे तामीर कर दिया।।

तुम जामवंत हो मेरे जीवन के सफर में।
मुझको मिलाया मुझसे महावीर कर दिया।।

रब तेरे करम का मैं करू – कैसे शुक्रिया।
देखा था ख्वाब जो, उसे ताबीर कर दिया।।

कमजोर था "अनीश" मिला ऐसा हौसला।
इक कच्चा धागा था इसे जंजीर कर दिया।।

श्री अरविंद सिंह राजपूत को सादर समर्पित

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Anish Shah
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अनीश शाह " अनीश" (अध्यापक) एम. एस. सी (गणित) बी. एड. निवास-सांईखेड़ा ,नरसिंहपुर (म.प्र.) मो. 7898579102 8319681285

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