आपके दिल की दास्तान है शायद

Kapil Kumar

रचनाकार- Kapil Kumar

विधा- मुक्तक

कायनात भी मेहरबान है शायद
इश्क़ भी आज मेहमान है शायद
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सुन कर क्यों सुर्ख हो गये आप
आपके दिल की दास्तान है शायद
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कपिल कुमार
10/10/2016

सुर्ख………….लाल

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Kapil Kumar
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