आदमी (नवगीत)

ईश्वर दयाल गोस्वामी

रचनाकार- ईश्वर दयाल गोस्वामी

विधा- गीत

नवगीत

श्याम-पट पर
अक्षरों-सा
नहीं चमकता आदमी ।

अक्षरों पर
श्याम-पट-सा
काला दिखता ।
ज़हर ज़माने
का काग़ज पर
है यह लिखता ।
अंधकार में
जुगनू जैसा
नहीं दमकता आदमी ।

वियर बार में
रोज़ सबेरे
मंजन करता ।
कटुता और
घृणा से ही
यह रंजन करता ।
मित्रों की भी
त्रयोदशी की
बाट जोहता आदमी ।

कानों में
चमगादड़ लटकी
फड़-फड़ करती ।
आँखों में
सारी दुनियाँ ही
रोज़ खटकती ।
जिह्वा के बिच्छू
का निशिदिन
डंक पटकता आदमी ।

Views 686
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Posts 73
Total Views 32.9k
-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित । रुचियाँ-काव्य रचना,अभिनय,चित्रकला । पुरस्कार - समकालीन कविता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा 2013 में राज्य स्तरीय पुरस्कार । नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा रमेशदत्त दुबे युवा कवि सम्मान 2015 ।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia