***आज बस आज **

अजीत कुमार तलवार

रचनाकार- अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

विधा- कविता

आज यह वादा करो
आज यह इरादा करो
आज में ही जीना है
आज में ही मरना है
आज बस आज है
आज के बाद सब बर्बाद है ??
आज को समेट लो
आज हंस लो
आज ही गा लो
आज हम साथं हैं
आज के बाद क्या पता कहाँ हैं ??
आज को वर्तमान कहते हैं
आज के बाद को भविष्य
आज से पहले भूत
आज जो भी है,,बस सब आज है ??
आज अगर खुश हो
आज अगर दुखी हो
आज सच यार आज है
आज ही पाना है
आज ही तो खोना है
आज इसी लिए तो खास है

"अजीत" जी ले आज
कल किसने देखा…सच सब बर्बाद है ??

अजीत तलवार
मेरठ

Sponsored
Views 29
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
अजीत कुमार तलवार
Posts 420
Total Views 9k
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia