“आग मेरी अर्थी में लगाने से पहले”

Shri Bhagwan Bawwa

रचनाकार- Shri Bhagwan Bawwa

विधा- गज़ल/गीतिका

सोचो जरा दिल लगाने से पहले!
मिटा तो ना दोगे बनाने से पहले!!
कहीं कल तुमको ना याद रहूं मैं,
देखो मुझे घूँघट गिराने से पहले !
घुमा लाओ यारों उनकी गली में,
आग मेरी अर्थी में लगाने से पहले !
"श्री" तुमको हर खुशी देकर रहेगा,
छोडकर जहां तेरा जाने से पहले !

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