आखिरी मुलाकात

Govind Kurmi

रचनाकार- Govind Kurmi

विधा- मुक्तक

सीने से लिपटकर रोयी थी कोई अबतक बो रात याद है

जाते जाते जो कह गयी अबतक हर बात याद है

वो चली गयी कह कर भुला देना हमें

हम आज भी वहीं खोये अबतक वो मुलाकात याद है

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Govind Kurmi
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गौर के शहर में खबर बन गया हूँ । १लड़की के प्यार में शायर बन गया हूँ ।

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