आओ रोपें इक तरुवर हम

Rita Singh

रचनाकार- Rita Singh

विधा- कविता

आओ रोपें इक तरुवर हम
अपनी प्यारी तनुजा के नाम
सींचें उसको नित प्रेम से
आएगा वह सबके काम ।

प्रेम जल से सिंचित तरुवर
बेटी सम परवाह करते हैं ,
ताप घना सहकर भी वे
शीतल छाया देते हैं ।

हर संताप बंजर धरती का
स्वच्छ बयार बहाते हैं ,
पुष्पित होकर वे सदा ही
सुरभित जग कर जाते हैं ।

डॉ रीता

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Rita Singh
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नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन बनाए रखने की कल्पना ही कलम द्वारा कुछ शब्दों की रचना को प्रेरित करती है , वही शब्द रचना मेरी कविता है । .

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