आएगा चितचोर

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

बदरा बरसे झूमकर ,करे बिजुरिया शोर !
बैठे कंत विदेश में ,मन में उठे हिलोर !!

हवा कान में कह गयी , आयेगा चितचोर !
सागर उमडा प्यार का ,मन में उठे हिलोर! !

काँव काँव कागा करे, छत- मुँड़ेर पुरजोर !
साजन की अब बाट है,मन में उठी हिलोर !!
रमेश शर्मा.

Views 14
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
RAMESH SHARMA
Posts 149
Total Views 1.9k
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia