आंखें

Raj Vig

रचनाकार- Raj Vig

विधा- कविता

मोटी मोटी बड़ी बड़ी वो खूबसूरत आंखें
सुन्दर चेहरे पे लगती वो प्यारी आंखें
छलकती हुई वो आसमानी आंखें
झुकती पलको मे अदा लगती कज़रारी आंखे
उठती पलको मे गज़ब लगती वो नशीली आंखें
सुहाने ख्वाब दिखाती वो रूहानी आंखें
खुदा की इनायत वो हसीन सी आंखें
सदा मुस्कराती रहती वो मस्तानी आंखें
रोतों को हंसा देती वो जादू सी आंखें
आशा और विश्वास का प्रतिबिंब नूरानी आंखें
सभी को अच्छी लगती सीधी वो सच्ची आंखें
लाखो मे किसी एक की है वो संस्कारी आंखें

••••••••••

राज विग

Views 36
Sponsored
Author
Raj Vig
Posts 21
Total Views 1k
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia