” आंखें मुन्द रही हैं , प्यार में ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

रचनाकार- भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

विधा- गीत

कल्पनाएं मधुर ,
पलकों पर विराजी !
सिमटी लाज में ,
काया कसमसाती !
कनक आवरण सजा –
खुमार में !!

मुस्कराना नाम ,
तेरे कर दिया है !
खुशहाली को ,
एक नया घर दिया है !
भावनाएं रंग भरे –
मनुहार में !!

नज़राना मिला ,
मीठी सी ठगी का !
इतराना हुआ ,
मेरी बन्दगी का !
तर-बतर मन हुआ –
पुकार में !!

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भगवती प्रसाद व्यास
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एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

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