*आँसू*

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- मुक्तक

जब भी आँख से बहते आँसू ।
दिल की व्यथा कहते आँसू ।।
कभी दर्द में बहते आँसू ।
तो कभी ख़ुशी में बहते आँसू ।।

कौन कहता है … ?
कि आँसू में वजन नही होता ।।
जब भी आँख से आँसू गिरता है ।
दिल हल्का हल्का हो जाता है ।।

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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