अग़र ना बोली तो…

seervi prakash panwar

रचनाकार- seervi prakash panwar

विधा- मुक्तक

अग़र ना बोली तेरी हरकतों पर तो मज़ाक समझ लोंगे,
मज़बूर हैं तेरे रिश्ते से तो घर का अख़बार समझ लोगें,
वो मुख़बधिर तक बन गयी तेरी हैवानियत पर भी,
औऱ तुम्हें दो अफ़साने दे दिए तो पराया समझ लोंगे।
–सीरवी प्रकाश पंवार

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seervi prakash panwar
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नाम - सीरवी प्रकाश पंवार पिता - श्री बाबूलाल सीरवी माता - श्री मती सुन्दरी देवी जन्म - 5 जुलाई 1997 पता - अटबड़ा, तह-सोजत सिटी, जिला- पाली राजस्थान शिक्षा - इंजीनियरिंग(वर्तमान) रुचि- लेखक(writer) संपर्क - 9982661925 Facebook-www.fb.com/seerviprakashpanwar Blog-www.seerviprakashpanwar.blogspot. com www.ekajeebpal.blogspot.com www.seervibhasha.blogspot.com

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