अश्रुनाद

Dr. umesh chandra srivastava

रचनाकार- Dr. umesh chandra srivastava

विधा- मुक्तक

. …. मुक्तक ….

उन्मुक्त क्षितिज से आती
सुस्मित आभास कराती
मधुरिम सुस्मृति नयनों में
आकर वर्षण कर जाती

भावानुवाद ( स्वरचित )

Comes from horizon unleasing .
Pleasure smile inkling .
Sweet remembrance from my soul .
Comes on eyes and inpouring .

डा. उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
. लखनऊ

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Dr. umesh chandra srivastava
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Doctor (Physician) ; Hindi & English POET , live in Lucknow U.P.India

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