अश्रुनाद

Dr. umesh chandra srivastava

रचनाकार- Dr. umesh chandra srivastava

विधा- कविता

. …. मुक्तक ….

सावन बदली जब आती
तब विरह रागिनी गाती
उर में दामिनि दृग बूँदे
सुस्मृति निर्झर कर जाती

अँग्रेज़ी भावानुवाद ( स्वरचित )

When rainy clouds clades long ,
Night sings Ruth melodious song ,
Sweet remembrance fount in eyes ,
Thunder comes in the heart along .

डा. उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
लखनऊ

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Dr. umesh chandra srivastava
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Doctor (Physician) ; Hindi & English POET , live in Lucknow U.P.India

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