अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava

रचनाकार- Dr. umesh chandra srivastava

विधा- मुक्तक

. …. मुक्तक ….

अपलक अभिलाष सुहानी
अस्फुट अमृतमय वाणी
चंचला नेत्र रच देते
हर युग में प्रेम कहानी

अँग्रेज़ी भावानुवाद ( स्वरचित )

Gazed eyes, have pleasant desired .
Unvoiced , voiced like nectared .
Playful eyes makes new love story .
In every era all too inspired .

डा. उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
लखनऊ

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Dr. umesh chandra srivastava
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Doctor (Physician) ; Hindi & English POET , live in Lucknow U.P.India

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