अभ्यास ही सफलता की कुंजी

Mahender Singh

रचनाकार- Mahender Singh

विधा- कविता

बहुत पढ़ी है कथा कहानियां,
कुछ भी तो हाथ नहीं आया,

सिर्फ अनुभव और उकाब को ही,
सबसे श्रेष्ठ है …पाया,

आदतें पड़ी है गले,
उन पर है ..व्यक्तित्व टिका हुआ,
सही है दिशा,…जो दशा ठीक है,

वरन् कौन कथा कहानी ने
किसी और को
कब महात्मा बुद्ध और महावीर है बनाया,

बन सकते है सब धर्म-गुरु और राजनेता
कब सबने भाग्य है ….आजमाया,

खुद के व्यवसाय से कौन है संतुष्ट,
सबने खुद को हर मुकाम पर खाली ही पाया

जीवन-भर रही दूसरों पर नज़र,
अपने गिरेबान को कब है देखा,

डॉ महेन्द्र सिंह खालेटिया,
बिन स्वाध्याय के कौन हरदयाल बन पाया,
विशेष:-
"अभ्यास ही सफलता की कुंजी"

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Mahender Singh
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पेशे से चिकित्सक,B.A.M.S(आयुर्वेदाचार्य)

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