” अभी बहुत कुछ , छूटा सा है ” !!

Bhagwati prasad Vyas

रचनाकार- Bhagwati prasad Vyas " neerad "

विधा- कविता

तेज़ भर रहा ,
वक़्त कुलांचें !
मन की पीड़ा ,
कौनहु बाँचें !
शुष्क अधर हैं ,
पलकें बोझिल !
पलते सपने ,
झिलमिल झिलमिल !
अपना साहिल –
रूठा सा है !!

जगी उम्मीदें ,
हरी भरी हैं !
मिली जो राहें ,
वे संकरी है !
बिदकता सूरज ,
वहां न चमके !
हमें है लड़ना ,
अपने दम पे !
अपना सपना –
टूटा सा है !!

मन ही मन में ,
गाँठ बाँध लें !
क्या करना है ,
अभी ठान लें !
दरक रहे हैं ,
पल पल रिश्ते !
हाथों से सब ,
यहाँ फिसलते !
रब भी लगता –
झूंठा सा है !!

गरल मिला है ,
यहाँ वहां से !
सुधा की बूँदें ,
अभी कहाँ हैं !
विषपायी बन ,
लड़ना बाकी !
दृग में बसी ,
मनोरम झांकी !
भाग्य बदलना –
रूठा सा है !!

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 404
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Bhagwati prasad Vyas
Posts 62
Total Views 19.4k
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह शीघ्र प्रकाश्य ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia