अभिशाप कहे

Rita Yadav

रचनाकार- Rita Yadav

विधा- कविता

अभिशाप कहे संताप कहे
या इसको कोई पाप कहे

जहां दो वक्त की रोटी नहीं
इस को भला क्या आप कहें?

मुफलिसी के दायरे को
ए कैसा लगा इक शाप कहें

अभिशाप कहे संताप कहें
या इसको कोई पाप कहे

सर्द हवा के थपेड़ों में
खुले नीचे पेड़ों में

जीवन यापन को मजबूर
इनका क्या प्रलाप कहें.?

अभिशाप कहे संताप कहें
या इसको कोई पाप कहे

नौनिहालों को दूध खिलौना नहीं
सोने को खाट बिछौना नहीं

बचपन छिन जाता इनसे इनका
भविष्य भी नहीं दिखता जिनका
किसका इसे प्रताप कहें

अभिशाप कहे संताप कहें
या इसको कोई पाप कहे

रीता यादव

Views 9
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Rita Yadav
Posts 34
Total Views 1.2k

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia