अब तो सहन नही होगा

Vindhya Prakash Mishra

रचनाकार- Vindhya Prakash Mishra

विधा- कविता

अब तो सहन नही होगा
किए वार पर वार पाक ने
हम सहकर मानवता करते
पर अब रहम नही होगा अब तो सहन नही होगा।
मेरा बंधु शहीद पडा है
देख दुखित भारत माता है
लहू से रंजित धरा हो रही
प्रतिशोध ही मेरा धरम होगा ।

अब तो सहन नही होगा
अब बारी है प्रतिशोध की
अपनी औकात प्रबोध की
दूर दंभ भरम होगा अब तो सहन नही होगा।
कायराना है हरकत तेरी
लड सके कहा हिम्मत तेरी
बिनाश तेरा निश्चय होगा अबतो सहन नही होगा।

Sponsored
Views 55
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Vindhya Prakash Mishra
Posts 112
Total Views 2.9k
Vindhya Prakash Mishra Teacher at Saryu indra mahavidyalaya Sangramgarh pratapgarh up Mo 9198989831 कवि, अध्यापक

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia