अपराध बोध

Punam Sinha

रचनाकार- Punam Sinha

विधा- लघु कथा

"आर्दश वृद्धाश्रम" हाँ यहीं नाम था।
वृद्धा ने चश्मा लगा कर बड़े ध्यान से पढ़ा।
ठीक पैंतीस साल पहले पति एवं सास के साथ यहाँ आई थी।उन्होंने अपनी सास को
यहीं तो रखा था।पलट कर फिर कभी उन्हें
देखने भी नहीं आई थीं।आज बेटा-बहु के साथ उन्हें भी यहीं लाया गया था।इतिहास दोहराया जा रहा था।डबडबायी आँखों से अपराध बोध के साथ खामोशी से वह आश्रम
में दाखिल हो गईं।

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 25
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Punam Sinha
Posts 8
Total Views 134

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia