अदालत मे खुदा होगा

शिवदत्त श्रोत्रिय

रचनाकार- शिवदत्त श्रोत्रिय

विधा- कविता

जलाल उल्लाह जब रोजे कयामत पर खड़ा होगा
ना जाने हम गुनहगारो का उस दम हाल क्या होगा||

करेंगे नॅफ्सी-नॅफ्सी और जितने भी है पेगेम्बर
मोहम्मद लेकर जब झंडा सिफायत का खड़ा होगा ||

इलाही करबला का खून जब ख़ातून मागेगी
क्या मालूम उस घड़ी उस पल क्या माजरा होगा||

कयामत आएगी एक दिन ज़मीं और आसमाँ ऊपर
मोहब्बत तख्त पर होगे अदालत मे खुदा होगा ||

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शिवदत्त श्रोत्रिय
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हिन्दी साहित्य के प्रति रुझान, अपने विचारो की अभिव्यक्ति आप सब को समर्पित करता हूँ| ‎स्नातकोत्तर की उपाधि मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान से प्राप्त की और वर्तमान समय मे सॉफ्टवेर इंजिनियर के पद पर मल्टी नॅशनल कंपनी मे कार्यरत हूँ|| दूरभाष क्रमांक:- 9158680098 ईमेल :- shivshrotriya91@gmail.com

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