अच्छे से का बोली तुम नखरे दिखात हो

कृष्णकांत गुर्जर

रचनाकार- कृष्णकांत गुर्जर

विधा- कविता

एक बार का मानी रोजई तुम खात हो
अच्छे से का वोली नखरे दिखात हो

तन्नक ही बात मे भेजा खो खात हो
साडी मगाऊ तो मुह लटकात हो

सोतन खो रोजीना पिक्चर बतात हो
डंग का बोली तुम नागई नचात हो

जई कारण रोजीना सज सज के जात हो
मे खाऊ रोटी तुम रसगुल्ला खा त हो

मोसे से काय केत तुम भुनकभुनक जात हो
रोजीना काय अपनी ठटरी कसात हो

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कृष्णकांत गुर्जर
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संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303

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