अगर उम्मीद है आसार बाकी है…

govind sharma

रचनाकार- govind sharma

विधा- गज़ल/गीतिका

जमी से आसमा का सार बाकी है,
अगर उम्मीद है आसार बाकी है।।
मुहब्बत की कहानी है यही मेरी,
लबो से हूर का इजहार बाकी है।
गरीबी ने कहा फरियाद मुझको,
कहा जीवन में ये इतवार बाकी है।
नही सुनता फलक देखो दुआ मेरी,
हवा का लग रहा,इसरार बाकी है।।
हमारे इश्क़ की परवाज में देखो,
वफाओ की नजर एतबार बाकी है।।
गोविन्द शर्मा,

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 55
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
govind sharma
Posts 12
Total Views 604

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia