अक्षय तृतीया पर्व

तेजवीर सिंह

रचनाकार- तेजवीर सिंह "तेज"

विधा- घनाक्षरी

🙏 आज की साधना 🙏
🌹🌻🌺 जलहरण घनाक्षरी 🌺🌻🌹
🌴 शिल्प – 8888 चरणान्त लघु लघु🌴

परम् प्रदाता पुण्य
पावन पुनीत पर्व
परै जु *प्रदोष-पुष्ट*
मिल जाय शुभ फल।

प्रथम तिथि है शुभ
सतयुग औ त्रेता की
*बह्मा के पुत्र अक्षय*
प्रकटे धरा के तल।।

बद्री नारायण बने
लक्ष्मी नारायण आज
बांके बिहारी विग्रह
चरण दर्श निर्मल।

पाप ताप शाप नष्ट
अति शुभ फलदाई
वेद औ पुराण कहें
महिमा कूं अविरल।।

🌴🌹🌻🌺🌼🌹🌻🌺🌼🌴

🌺🌻 मनहरण घनाक्षरी 🌻🌺
🌴 शिल्प – 8887 चरणान्त लघु गुरु 🌴

शुक्ल पक्ष तीज जब
आवत वैशाख मास
स्वयं सिद्ध महुरत
करौ पुण्य-दान जी!

पिटरन कूं पिण्ड-दान
फलदाई गङ्ग-स्नान
जप तप स्वाध्याय
अक्षय महान जी!!

अक्षय आनन्द मिलै
संग सुख-सम्पति सौ
करौ शुभारम्भ आज
शुभ दिन-मान जी!

*अक्षय तृतीया पर्व*
अक्षय फल दे सदा
ईश्वर कौ *तेज* मिलै
बन वरदान जी!!

🌺🌻🌹🍀🌺🌻🌹🍀🌻🌺
तेज 28/4/17✍

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तेजवीर सिंह
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नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन तथा जीविकोपार्जन हेतु अध्यापन कार्य।

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