अंतर्तम प्रकाशित कर लो

Rita Singh

रचनाकार- Rita Singh

विधा- कविता

भौतिक जग में उजियारे संग
अतंर्तम प्रकाशित कर लो ।
जय पाओ मन के अंधियारे पर
अंधकार धरा का सब हर लो ।

करें कामना सबके हित की
सबके हित में अपना हित हो
दीप जलें तो जलें प्रेम के
द्वेष भरा न कोई चित्त हो ।

डॉ रीता
आया नगर,नई दिल्ली ।

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Rita Singh
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नाम - डॉ रीता जन्मतिथि - 20 जुलाई शिक्षा- पी एच डी (राजनीति विज्ञान) आवासीय पता - एफ -11 , फेज़ - 6 , आया नगर , नई दिल्ली- 110047 आत्मकथ्य - इस भौतिकवादी युग में मानवीय मूल्यों को सनातन बनाए रखने की कल्पना ही कलम द्वारा कुछ शब्दों की रचना को प्रेरित करती है , वही शब्द रचना मेरी कविता है । .

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