अंग्रेजी में फूल

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

जिनको चुभते थे कभी, हम भी बनकर शूल !
वही दे रहे आजकल, हमको प्रतिदिन फूल !!

उनको कहना ठीक है, ..अंग्रेजी में फूल !
मसलें जो कलियाँ अगर, मेटें फूल समूल !!

मंदिर सी खुश्बू मिले,मृदल गंध की टेर!
जब बासन्ती धूप मे, खिलता फूल कनेर!!
रमेश शर्मा.

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RAMESH SHARMA
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अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

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